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हिन्दी साहित्य संगम जबलपुर साहित्य की

बहुआयामी विधाओं का संगम

 

हिन्दी साहित्य संगम जबलपुर साहित्य की बहुआयामी विधाओं का संगम हैं। यहां पर मेरी छंदबद्ध कवितायें, गजलें, नवगीत, क्षणिकायें, दोहे, कहानियां, लघुकथायें, समीक्षायें, आलेख, कार्यक्रमों की रपटें, धर्म, संस्कृति, कला, पर्यट्न, इतिहास वास्तुशिल्प, मह्त्वपूर्ण स्थानों का विवरण पढ़ने मिलेगा हमारा उद्देश है कि हम अंतरजालीय फलक पर उन स्थानीय, प्रादेशिक, राष्ट्रीय एंव अन्तराष्ट्रीय व्यक्तित्वों की भी अधिकतम जानकारी आपको उपलब्ध करा सकें जो अब तक आपकी जानकारी के परे है । दृश्य एंव श्रव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से हम हर विधा के निष्णात कलाकारों का परिचय करायेंगें । साहित्यक उपलब्धियों एंव कवि-लेखकों की प्रतिनिधि रचनाओं को भी यथोचित स्थान प्रदान करेंगें । काव्य गोष्ठियों, कहानी गोष्ठियां एंव साहित्यक -सांस्कृतिक- राष्ट्रीय कार्यक्रमों की दृश्य एंव श्रव्य झलकीयां नियमित सम्मिलित करने का प्रयास करेंगें ।हिन्दी साहित्य संगम का विशेष प्रयास रहेगा की यहां प्रकाशित रचनाओं, हिन्दी कार्यशालाओं, शुद्ध हिन्दी के प्रयोग पर आधारित ज्ञानवर्धक आलेखों द्वारा हिन्दी के प्रति अपना दायित्व निर्वहन कर सके । हम हिन्दी के विशेषज्ञ कदापि नहीं है । आपके सुझाव और संशोधन हम सर आंखों में पर लेगें तथा हिन्दी प्रचार -प्रसार -विकास हेतु आपके आलेखों की सदैव प्रतीक्षा रहेगी ।हिन्दी साहित्य संगम का अकुंरण भारत के मध्य स्थित संस्कारधानी जबलपुर में होने के कारण हमारा दायित्व बनता है कि हम जबलपुर एंव जबलपुर के आसपास की सर्वांगीण जानकारी उपलब्ध करायें, इसलिए हम प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम जानकारी उपलब्ध करानें हेतु कृतसंकल्पित है । हमें विश्वास है कि जबलपुर भ्रमण पर आनें वालों के लिये हिन्दी साहित्य संगम का ये प्रयास एक मार्गदर्शक जैसा उपयोगी सिद्व होगा ।हिन्दी साहित्य संगम सैद्वांतिक रूप से निष्पक्ष, सटीक एंव प्रामाणिक प्रकाशन पर सदैव विश्व्नीय रहने हेतु संकल्पित है परंतु इसके बाद भी किसी अज्ञानता, भ्रम, अपूर्णता, संशय अथवा आप्रामाणिकता के फलस्वरूप उत्पन्न विसंगतियों के लिये हम अभी से क्षमाप्रार्थी है । किसी भी सप्रमाण संशोधन हेतु हिन्दी साहित्य संगम सदैव सहमत रहेगा । आपकी शुभभावनाओं एंव सहयोग की अपेक्षा सहित-

आपका विजय तिवारी “किसलय”
जबलपुर (म.प्र.)

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