दुनिया का सबसे अनमोल रतन – मुंशी प्रेमचंद | हिन्‍दी कहानी

दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किए बैठा हुआ ख़ून के आँसू बहा रहा था। वह सौंदर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब का सच्चा और जान देने

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ईदगाह – मुंशी प्रेमचंद | हिन्‍दी कहानी

रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आई है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभात है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब

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