हिन्दी साहित्य अकादमी पुरस्कार
(Hindi Sahitya Akademi Puraskar)
वर्ष | पुस्तक | लेखक |
| 2024 | मैं जब तक आयी बाहर (कविता) | गगन गिल |
| 2023 | मुझे पहचानो (उपन्यास) | संजीव |
| 2022 | तुमड़ी के शब्द (कविता-संग्रह) | बद्री नारायण |
| 2021 | सम्राट अशोक (नाटक) | दया प्रकाश सिन्हा |
| 2020 | टोकरी में दिगन्त: थेरीगाथा: 2014 (कविता) | अनामिका |
| 2019 | छीलते हुए अपने को (कविता) | नन्दकिशोर आचार्य |
| 2018 | पोस्ट बॉक्स नं. 203-नाला सोपारा (उपन्यास) | चित्रा मुद्गल |
| 2017 | विश्वमिथकसरित्सागर (साहित्यिक समीक्षा) | रमेश कुंतल मेघ |
| 2016 | पारिजात (उपन्यास) | नासिरा शर्मा |
| 2015 | आग की हँसी (कविता) | रामदरश मिश्र |
| 2014 | विनायक (उपन्यास) | रमेशचन्द्र शाह |
| 2013 | मिलजुल मन (उपन्यास) | मृदुला गर्ग |
| 2012 | पत्थर फेंक रहा हूँ (कविता–संग्रह) | चंद्रकांत देवताले |
| 2011 | रेहन पर रग्घू (उपन्यास) | काशीनाथ सिंह |
| 2010 | मोहन दास (लघु उपन्यास) | उदय प्रकाश |
| 2009 | हवा में हस्ताक्षर (कविता–संग्रह) | कैलाश वाजपेयी |
| 2008 | कोहरे में कैद रंग (उपन्यास) | गोविन्द मिश्र |
| 2007 | इन्हीं हथियारों से (उपन्यास) | अमरकान्त |
| 2006 | संशयात्मा (कविता–संग्रह) | ज्ञानेन्द्रपति |
| 2005 | क्याप (उपन्यास) | मनोहर श्याम जोशी |
| 2004 | दुश्चक्र में स्रष्टा (कविता–संग्रह) | वीरेन डंगवाल |
| 2003 | कितने पाकिस्तान (उपन्यास) | कमलेश्वर |
| 2002 | दो पंक्तियों के बीच (कविता–संग्रह) | राजेश जोशी |
| 2001 | कलि–कथा : वाया बाइपास (उपन्यास) | अलका सरावगी |
| 2000 | हम जो देखते हैं (कविता–संग्रह) | मंगलेश डबराल |
| 1999 | दीवार में एक खिड़की रहती थी (उपन्यास) | विनोद कुमार शुक्ल |
| 1998 | नए इलाक़े में (कविता–संग्रह) | अरुण कमल |
| 1997 | अनुभव के आकाश में चाँद (कविता–संग्रह) | लीलाधर जगूड़ी |
| 1996 | मुझे चाँद चाहिए (उपन्यास) | सुरेन्द्र वर्मा |
| 1995 | कोई दूसरा नहीं (कविता–संग्रह) | कुँवर नारायण |
| 1994 | कहीं नहीं वहीं (कविता–संग्रह) | अशोक वाजपेयी |
| 1993 | अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास) | विष्णु प्रभाकर |
| 1992 | ढाई घर (उपन्यास) | गिरिराज किशोर |
| 1991 | मैं वक़्त के हूँ सामने (कविता–संग्रह) | गिरिजाकुमार माथुर |
| 1990 | नीला चाँद (उपन्यास) | शिवप्रसाद सिंह |
| 1989 | अकाल में सारस (कविता–संग्रह) | केदारनाथ सिंह |
| 1988 | अरण्या (कविता–संग्रह) | नरेश मेहता |
| 1987 | मगध (कविता–संग्रह) | *श्रीकांत वर्मा |
| 1986 | अपूर्वा (कविता–संग्रह) | केदारनाथ अग्रवाल |
| 1985 | कव्वे और काला पानी (कहानी–संग्रह) | निर्मल वर्मा |
| 1984 | लोग भूल गए हैं (कविता–संग्रह) | रघुवीर सहाय |
| 1983 | खूँटियों पर टँगे लोग (कविता–संग्रह) | *सर्वेश्वरदयाल सक्सेना |
| 1982 | विकलांग श्रद्धा का दौर (व्यंग्य) | हरिशंकर परसाई |
| 1981 | ताप के ताये हुए दिन (कविता–संग्रह) | त्रिलोचन |
| 1980 | जिन्देगीनामा–जिन्दाय रुख़ (उपन्यास) | कृष्णा सोबती |
| 1979 | कल सुनना मुझे (कविता–संग्रह) | *धूमिल |
| 1978 | उतना वह सूरज है (कविता–संग्रह) | *भारत भूषण अग्रवाल |
| 1977 | चुका भी हूँ नहीं मैं (कविता–संग्रह) | शमशेर बहादुर सिंह |
| 1976 | मेरी तेरी उसकी बात (उपन्यास) | यशपाल |
| 1975 | तमस (उपन्यास) | भीष्म साहनी |
| 1974 | मिट्टी की बारात (कविता–संग्रह) | शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ |
| 1973 | आलोक पर्व (निबंध–संग्रह) | हज़ारीप्रसाद द्विवेदी |
| 1972 | बुनी हुई रस्सी (कविता–संग्रह) | भवानीप्रसाद मिश्र |
| 1971 | कविता के नए प्रतिमान (समालोचना) | नामवर सिंह |
| 1970 | निराला की साहित्य साधना (जीवनी) | रामविलास शर्मा |
| 1969 | राग दरबारी (उपन्यास) | श्रीलाल शुक्ल |
| 1968 | दो चट्टानें (कविता–संग्रह) | हरिवंश राय ‘बच्चन’ |
| 1967 | अमृत और विष (उपन्यास) | अमृतलाल नागर |
| 1966 | मुक्तिबोध (उपन्यास) | जैनेन्द्र कुमार |
| 1965 | रस–सिद्धांत (काव्यशास्त्र) | नगेन्द्र |
| 1964 | आँगन के पार द्वार (कविता–संग्रह) | अज्ञेय (स.ही. वात्स्यायन) |
| 1963 | प्रेमचंद : क़लम का सिपाही (जीवनी) | अमृत राय |
| 1961 | भूले बिसरे चित्र (उपन्यास) | भगवतीचरण वर्मा |
| 1960 | कला और बूढ़ा चाँद (कविता–संग्रह) | सुमित्रानंदन पंत |
| 1959 | संस्कृति के चार अध्याय (भारतीय संस्कृति का सर्वेक्षण) | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ |
| 1958 | मध्य एशिया का इतिहास (इतिहास) | राहुल सांकृत्यायन |
| 1957 | बुद्ध धर्म–दर्शन (दर्शन) | *आचार्य नरेन्द्रदेव |
| 1956 | पद्मावत : संजीवनी व्याख्या (टीका) | वासुदेवशरण अग्रवाल |
| 1955 | हिमतरंगिनी (कविता–संग्रह) | माखनलाल चतुर्वेदी |
(1962 में कोई पुरस्कार नहीं)
महत्वपूर्ण बिन्दु :-
1- साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत के संविधान की 22 भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और राजस्थानी के साहित्य को भी दिया जाता है।
2- पुरस्कार की राशि एक लाख है।
3- पुरस्कार के प्रतीक के रूप में सत्यजीत रे द्वारा डिजाइन की गई कांस्य पट्टिका और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
4- हिन्दी में सर्वप्रथम माखनलाल चतुर्वेदी को उनकी रचना ‘हिमतरंगिणी’ के लिए इस पुरस्कार से विभूषित किया गया था।
संदर्भ :- साहित्य अकादमी आधिकारिक वेबसाईट( https://sahitya-akademi.gov.in/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp )
