गोशाला – रामवृक्ष बेनीपुरी | शब्‍दचित्र | रेखाचित्र

गोशाला - रामवृक्ष बेनीपुरी जी द्वारा लिखित एक शब्‍दचित्र है। जो 'गेहुँ और गुलाब' (1950) रेखाचित्र संग्रह में संकलित है।

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रसिया बालम – जयशंकर प्रसाद | हिंदी कहानी | राजस्‍थानी लोक-कथा

'रसिया बालम' जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित हिन्‍दी कहानी है, जिसका कथानक राजस्‍थान के सिरोही जिले में प्रचलित एक लोककथा पर आधारित है।

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परिंदे – निर्मल वर्मा | हिन्‍दी कहानी

Parinde- अँधियारे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गई। दीवार का सहारा लेकर उसने लैंप की बत्ती बढ़ा दी। सीढ़ियों पर उसकी छाया एक बेडौल

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राजा निरबंसिया – कमलेश्वर | हिन्दी कहानी

Raja nirbansiya - ''एक राजा निरबंसिया थे”—माँ कहानी सुनाया करती थीं। उनके आसपास ही चार-पाँच बच्चे अपनी मुठ्ठियों में फूल दबाए कहानी समा

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पिता – ज्ञानरंजन | हिन्दी कहानी

Pita - उसने अपने बिस्तरे का अंदाज़ लेने के लिए मात्र आध पल को बिजली जलाई। बिस्तरे फ़र्श पर बिछे हुए थे। उसकी स्त्री ने सोते-सोते ही बड़बड़ाया..

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इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर – हरिशंकर परसाई | हिन्दी कहानी

Inspector Matadeen Chand Par-वैज्ञानिक कहते हैं, चाँद पर जीवन नहीं है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मातादीन (डिपार्टमेंट में एम. डी. साब)....

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सिक्का बदल गया – कृष्णा सोबती | हिन्दी कहानी

Sikka Badal Gaya Kahani- खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुँची तो पौ फट रही थी। दूर-दूर आसमान के पर्दे....

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