अमृतसर आ गया – भीष्म साहनी | हिन्दी कहानी

Amritsar Aa Gaya गाड़ी के डिब्बे में बहुत मुसाफ़िर नहीं थे। मेरे सामने वाली सीट पर बैठे सरदारजी देर से मुझे लाम के क़िस्से सुनाते रहे थे..

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