सिक्का बदल गया – कृष्णा सोबती | हिन्दी कहानी

Sikka Badal Gaya Kahani- खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुँची तो पौ फट रही थी। दूर-दूर आसमान के पर्दे....

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