लाल पान की बेग़म – फणीश्वर नाथ रेणु | हिन्दी कहानी

क्यों बिरजू की माँ, नाच देखने नहीं जाएगी क्या? बिरजू की माँ शकरकंद उबाल कर बैठी मन-ही-मन कुढ़ रही थी अपने आँगन में। सात साल का लड़का बिरजू

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तीसरी क़सम उर्फ मारे गये ग़ुलफाम – फणीश्वर नाथ रेणु | हिन्दी कहानी

हिरामन गाड़ीवान की पीठ में गुदगुदी लगती है... पिछले बीस साल से गाड़ी हाँकता है हिरामन। बैलगाड़ी सीमा के उस पार मोरंगराज नेपाल से धान ..

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