यूजीसी नेट/जेआरएफ हिन्दी प्रश्न-पत्र 6 जनवरी 2026
यूजीसी नेट/जेआरएफ हिन्दी पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र, Ugc Net/Jrf Hindi Previous Year Question Paper December 2025
यूजीसी नेट/जेआरएफ हिन्दी पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र, Ugc Net/Jrf Hindi Previous Year Question Paper December 2025
तड़पती केन- केदरानाथ अग्रवाल की कविता- गरम रेट पर, जैसे बिजली......, बीच अधर में घन से छूटी..........., तड़प रही है ........
चंदनवा चैती गाता है- केदरानाथ अग्रवाल की कविता- घरवाली के साथ ओसाया,.. है समीर में।....दाने के ऊँचे पहाड़ को.... खड़ा किया है...
बसंती हवा- केदारनाथ अग्रवाल की कविता- हवा हूँ, बड़ी बावली हूँ!.....बड़ी मस्तमौला, नहीं कुछ फ़िकर है,,,..बड़ी ही निडर हूँ, जिधर चाहती हूँ,....
दोनों हाथों में रेती है,...नीचे, अगल-बग़ल रेती है,...होड़ राज्य-श्री से लेती है.......मोद मुझे रेती देती है
जल का जहाज़ जैसे पल-पल डोलता ........माँझी! न बजाओ बंशी मेरा प्रन टूटता......
फागुन की मस्ती के झोंके, .....दौड़े आते हैं उड़-उड़ के,...... अंगों में, बाहों में कस के,..............उसकी मति को मंद बनाने;
मलयानिल की परछाईं-सी,.....इस सूखे तट पर छिटक छहर!... कोमल चिर कंपन-सी......
उषा-सी आँखों में कितनी, मादकता भरी ललाई है।....... कहता दिगंत से मलय पवन...............है रात घूम आई मधुबन,......
Bhartendu Harishchand- हिंदी-गद्य साहित्य का सूत्रपात करने वाले चार महानुभाव कहे जाते हैं—मुंशी सदासुखलाल, इंशा अल्ला ख़ाँ, लल्लूलाल और सदल...