दुलाईवाली – बंग महिला (राजेन्द्र बाला घोष) | हिन्दी कहानी

काशी जी के दशाश्वमेध घाट पर स्नान करके एक मनुष्य बड़ी व्यग्रता के साथ गोदौलिया की तरफ़ आ रहा था। एक हाथ में मैली-सी तौलिया से लपेटी हुई भीगी

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चंद्रदेव से मेरी बातें – बंग महिला (राजेन्द्र बाला घोष) | हिन्दी कहानी

भगवान चन्द्रदेव! आपके कमलवत् कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ। देखो, सुनी अनसुनी

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