आचार्य रामचन्‍द्र शुक्‍ल साहित्‍‍य‍ेतिहास प्रश्नोत्तरी सीरीज | आदिकाल (प्रकरण 3)

You are currently viewing आचार्य रामचन्‍द्र शुक्‍ल साहित्‍‍य‍ेतिहास प्रश्नोत्तरी सीरीज | आदिकाल (प्रकरण 3)
0%
0 votes, 0 avg
6
Created by Avatar photoHindi Sahitya Sangam

आचार्य रामचन्‍द्र शुक्‍ल साहित्‍‍य‍ेतिहास प्रश्नोत्तरी सीरीज | आदिकाल (प्रकरण 3 - देशभाषा काव्‍य)

! महत्त्वपूर्ण  सूचना !

यह अभ्‍यास-पत्र हिन्‍दी साहित्‍येतिहास जगत के प्रमुख इतिहासकार आचार्य रामचन्‍द्र शुक्‍ल के ग्रंथ 'हिन्‍दी साहित्‍य इतिहास' पर आधारित है।

इस अभ्‍यास-पत्र को आगामी परीक्षाओं के अभ्‍यास के लिए यहॉं निशुल्‍क उपलब्‍ध करवाया जा रहा है।

आगे भी हिन्‍दी भाषा से संबंधित विभिन्‍न परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्‍न-पत्र एवं अभ्‍यास प्रश्‍न उपलब्‍ध करवाऍं जाएँँगे, जिसकी सूचना अभ्‍यर्थी द्वारा दी गई ई-मेल आईडी पर मुहैया करवाई जाएगी । अत: आधिकारिक नाम तथा ई-मेल आईडी से ही इस प्रश्नोत्तरी में स‍म्मिलित हों।

हालांकि प्रश्‍न-पत्र तैयार करते समय बड़ी सावधानी बरती गई है तथा त्रुटि की गुंजाइश बहुत कम है, फिर भी अगर कोई त्रुटि हो तो वेबसाईट पर मौजूद आधिकारिक ई-मेल आईडी से अवगत करवाने का कष्‍ट करें।

1 / 26

'बीसलदेवरासो' कुल कितने खंडों में विभक्त है और इसकी कथा का मुख्य सार क्या है?

2 / 26

'पृथ्वीराजरासो' आकार की दृष्टि से कैसा ग्रंथ है?

3 / 26

'बीसलदेवरासो' में काव्य के अर्थ में किस शब्द का बार-बार प्रयोग आया है, जिससे शुक्ल जी के अनुसार 'रासो' शब्द की व्युत्पत्ति हुई है?

4 / 26

"बुंदेलखंड में विशेषतः महोबे के आसपास आल्हा-खंड के गाने वाले बहुत मिलते हैं। इन गीतों के समुच्चय को सर्वसाधारण क्या कहते हैं?"

5 / 26

शुक्ल जी ने प्रकरण 3 का नाम क्या रखा है और इसके अंतर्गत कितने ग्रंथों का विवेचन किया है?

6 / 26

'जयचंदप्रकाश' और 'जयमयंक जस चंद्रिका' ग्रंथ जो वर्तमान में केवल सूचना मात्र हैं (उपलब्ध नहीं हैं), इनके रचनाकार क्रमशः कौन हैं?

7 / 26

"राजाश्रित कवि और चारण जिस प्रकार नीति, श्रृंगार आदि के फुटकल दोहे राजसभाओं में सुनाया करते थे, उसी प्रकार अपने आश्रयदाता राजाओं के पराक्रमपूर्ण चरितों या गाथाओं का वर्णन भी किया करते थे। यही प्रबंध परंपरा 'रासो' के नाम से पाई जाती है।" यह कथन किसका है?

8 / 26

'पृथ्वीराजरासो' में राजपूतों की उत्पत्ति कहाँ से बताई गई है, जिसका वर्णन ग्रंथ में विस्तार से है?

9 / 26

'बीसलदेवरासो' के निर्माणकाल के संबंध में ग्रंथ में कौन सी प्रसिद्ध पंक्ति दी गई है, जिससे इसका समय वि.सं. 1212 (1155 ई.) निकलता है?

10 / 26

प्रादेशिक बोलियों के साथ-साथ ब्रज या मध्यदेश की भाषा का आश्रय लेकर चारणों ने जो साहित्यिक भाषा विकसित की, उसे किस नाम से पुकारा जाता था?

11 / 26

वीरगाथाकालीन काव्यों में राजाओं के युद्धों का मूल कारण प्रायः किसे कल्पित करके रचनाएँ की जाती थीं?

12 / 26

शुक्ल जी ने अंततः 'पृथ्वीराजरासो' को ऐतिहासिक प्रामाणिकता की कसौटी पर कसते हुए क्या घोषित किया है?

13 / 26

'बीसलदेवरासो' में राजा बीसलदेव (विग्रहराज चतुर्थ) के समसामयिक किस राजा की कन्या 'राजमती' का उल्लेख है, जो ऐतिहासिक रूप से बीसलदेव से लगभग 100 वर्ष पहले ही दिवंगत हो चुके थे?

14 / 26

जगनिक कृत 'परमालरासो' (आल्हा-खंड) का केंद्र मुख्य रूप से बुंदेलखंड का कौन सा क्षेत्र माना जाता है, जहाँ इसके गाने वाले बहुत मिलते हैं?

15 / 26

गुप्त साम्राज्य के ध्वस्त होने और हर्षवर्धन की मृत्यु (संवत् 704) के उपरांत भारत का कौन सा भाग भारतीय सभ्यता और बलवैभव का केंद्र बना रहा, जहाँ की भाषा ही शिष्ट मान्य भाषा बन गई थी?

16 / 26

'पृथ्वीराज विजय' के लेखक कश्मीरी कवि 'जयानक' ने पृथ्वीराज के मुख्य भाट या बंदिराज का क्या नाम लिखा है, जिसे चंदबरदाई का ही दूसरा नाम माना जाता है?

17 / 26

''मंहल पलाण्‍यो तॉंजदीन। खुरसाणा चढ़‍ि चाल्‍यो गोंड।।''

उपर्युक्‍त पंक्ति किस रासो ग्रंथ से संबंधित है?

18 / 26

शुक्ल जी के अनुसार, देशभाषा काव्य के अंतर्गत आने वाले आठ ग्रंथों की सही सूची कौन सी है?

19 / 26

जब शहाबुद्दीन गोरी पृथ्वीराज को कैद करके गजनी ले गया, तब चंदबरदाई ने अपने किस पुत्र के हाथ में रासो की पुस्तक सौंपकर उसे पूरा करने का संकेत किया था?

20 / 26

चंदबरदाई के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?

21 / 26

"यह घटनात्मक काव्य नहीं है, वर्णनात्मक है। इसमें दो ही घटनाएँ हैं- बीसलदेव का विवाह और उनका उड़ीसा जाना।" यह मत बीसलदेवरासो के संदर्भ में किस इतिहासकार का है?

22 / 26

"यदि यह ग्रंथ (परमालरासो) साहित्यिक प्रबंधपद्धति पर लिखा गया होता तो कहीं न कहीं राजकीय पुस्तकालयों में इसकी कोई प्रति रक्षित मिलती। पर यह गाने के लिये ही रचा गया था..." यह मत किसका है?*

23 / 26

वीरगाथाकाल के "प्रशस्तिमूलक काव्य (वीरगाथाओं)" की दो मुख्य विशेषताएँ शुक्ल जी ने क्या बताई हैं?

24 / 26

"ये (चंदबरदाई) हिंदी के प्रथम महाकवि माने जाते हैं और इनका 'पृथ्वीराजरासो' हिंदी का प्रथम महाकाव्य है।" यह पंक्ति शुक्ल जी के इतिहास में किस रासो काव्य की शुरुआत में आती है?

25 / 26

रायबहादुर पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा 'बीसलदेवरासो' को किस राजा के समय की रचना मानते हैं?

26 / 26

"रासो काव्य के प्रायः सभी ग्रंथों की सामग्री की प्रामाणिकता कैसी है?" शुक्ल जी के अनुसार वाक्य पूर्ण करें

नई प्रश्नोत्तरी के नोटिफिकेशन तथा परिणाम के लिए नीचे दिए गए फ़ॉर्म को भरें। कृपया आधिकारिक नाम तथा ई-मेल आईडी ही दर्ज करें।

Your score is

The average score is 87%

0%

Leave a Reply