कोसी का घटवार – शेखर जोशी | हिन्‍दी कहानी

Kosi Ka Ghatwar गुसाईं का मन चिलम में भी नहीं लगा। मिहल की छाँह से उठकर वह फिर एक बार घट (पनचक्की) के अंदर आया। अभी खप्पर में एक-चौथाई से भी

0 Comments

गैंग्रीन (रोज़) – अज्ञेय | हिन्दी कहानी

Gaingreen Kahani- दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते हुए मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मँडरा रही हो, उसके वातावरण में

0 Comments