बादल को घिरते देखा है – नागार्जुन | हिन्दी कविता

बादल को घिरते देखा है - एक हिन्दी कविता है जिसके लेखक नागार्जुन हैं | Badal Ko Ghirte Dekha Hai  | अमल धवल गिरि के शिखरों पर, बादल को घिरते..

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