रसिया बालम – जयशंकर प्रसाद | हिंदी कहानी | राजस्‍थानी लोक-कथा

'रसिया बालम' जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित हिन्‍दी कहानी है, जिसका कथानक राजस्‍थान के सिरोही जिले में प्रचलित एक लोककथा पर आधारित है।

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आत्मजयी – कुँवर नारायण | हिन्दी कविता

ओ मस्तक विराट, अभी नहीं मुकुट और अलंकार। अभी नहीं तिलक और राज्यभार। तेजस्वी चिन्तित ललाट। दो मुझको सदियों तपस्याओं में जी सकने की क्षमता।

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बिहारी सतसई – बिहारी | भाग-2 | हिन्दी कविता

खेलन सिखए अलि भलैं चतुर अहेरी मार। कानन-चारी नैन-मृग नागर नरनु सिकार अर्थात ऐ सखी! चतुर शिकारी कामदेव ने कानों तक आने-जानेवाले

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बिहारी सतसई – बिहारी | भाग – एक | हिन्दी कविता

मेरी भव-बाधा हरौ राधा नागरि सोइ। जा तन की झाँईं परैं स्यामु हरित दुति होइ॥1॥ अर्थात वही चतुरी राधिका मेरी सांसारिक बाधाएँ...

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