चंदनवा चैती गाता है – केदारनाथ अग्रवाल | हिन्दी कविता

चंदनवा चैती गाता है- केदरानाथ अग्रवाल की कविता- घरवाली के साथ ओसाया,.. है समीर में।....दाने के ऊँचे पहाड़ को.... खड़ा किया है...

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बसंती हवा – केदारनाथ अग्रवाल | हिन्दी कविता

बसंती हवा- केदारनाथ अग्रवाल की कविता- हवा हूँ, बड़ी बावली हूँ!.....बड़ी मस्तमौला, नहीं कुछ फ़िकर है,,,..बड़ी ही निडर हूँ, जिधर चाहती हूँ,....

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बैठा हूँ इस केन किनारे – केदारनाथ अग्रवाल | हिन्दी कविता

दोनों हाथों में रेती है,...नीचे, अगल-बग़ल रेती है,...होड़ राज्य-श्री से लेती है.......मोद मुझे रेती देती है

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भारतेन्दु हरिश्चंद – आचार्य रामचंद्र शुक्ल | हिन्दी निबंध

Bhartendu Harishchand- हिंदी-गद्य साहित्य का सूत्रपात करने वाले चार महानुभाव कहे जाते हैं—मुंशी सदासुखलाल, इंशा अल्ला ख़ाँ, लल्लूलाल और सदल...

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तुलसी का भक्ति मार्ग – आचार्य रामचंद्र शुक्ल | हिन्दी निबंध

भक्ति रस का पूर्ण परिपाक जैसा तुलसीदासजी में देखा जाता है वैसा अन्यत्र नहीं। भक्ति में प्रेम के अतिरिक्त आलंबन के महत्त्व और ......

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कविता क्या है? – आचार्य रामचन्द्र शुक्ल | हिन्दी निबंध

मनुष्य अपने भावों, विचारों और व्यापारों के लिए दिए दूसरों के भावों, विचारों और व्यापारों के साथ कहीं मिलता और कहीं लड़ाता हुआ...

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